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नया साल आईल – भोजपुरी कविता

January1

बितल पुरनका नया साल आईल।
नई रोशनी में ई जग जगमगाइल।।

चहकेली चिरई बा मौसम सुहाना,
मन मोर नाचे, भइल दिल दिवाना,
खुशी के ई पल में बा मन अझुराइल ।
नई रोशनी में ई जग जगमगाइल।।

बगियन में पसरल बा फुलवन के डाली,
फुलल गुलाब जूही चम्पा-चमेली,
देखि के भौंरन के मनवाँ मोहाइल।
नई रोशनी में ई जग जगमगाइल।।

मगन होके केहू झूमे खुशी से,
खिलल बाटे चेहरा, हंसी के हंसी से,
सरिता के धारा में विनोद बहाइल।
नई रोशनी में ई जग जगमगाइल।।

- विनोद तिवारी, जमशेदपुर

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